महाभारत 12.27.8
यः स बाणधनुष्पाणिर्योधयामास भार्गवम्बहून्यहानि कौरव्यः कुरुक्षेत्रे महामृधे
yaḥ sa bāṇadhanuṣpāṇiryodhayāmāsa bhārgavambahūnyahāni kauravyaḥ kurukṣetre mahāmṛdhe
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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