महाभारत 12.276.56
तथाशीला हि राजानः सर्वान्विषयवासिनःश्रेयसा योजयन्त्याशु श्रेयसि प्रत्युपस्थिते
tathāśīlā hi rājānaḥ sarvānviṣayavāsinaḥśreyasā yojayantyāśu śreyasi pratyupasthite
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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