महाभारत 12.288.18
पापीयसः क्षमेतैव श्रेयसः सदृशस्य चविमानितो हतोऽऽक्रुष्ट एवं सिद्धिं गमिष्यति
pāpīyasaḥ kṣametaiva śreyasaḥ sadṛśasya cavimānito hato''kruṣṭa evaṃ siddhiṃ gamiṣyati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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