महाभारत 12.297.8
यथा ज्ञाने परिचयः कर्तव्यस्तत्फलार्थिनातथा धर्मे परिचयः कर्तव्यस्तत्फलार्थिना
yathā jñāne paricayaḥ kartavyastatphalārthinātathā dharme paricayaḥ kartavyastatphalārthinā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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