महाभारत 12.30.30
सा तु कन्या यथाशापं नारदं तं ददर्श हपाणिग्रहणमन्त्राणां प्रयोगादेव वानरम्
sā tu kanyā yathāśāpaṃ nāradaṃ taṃ dadarśa hapāṇigrahaṇamantrāṇāṃ prayogādeva vānaram
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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