महाभारत 12.306.41
तथैवावेद्यमव्यक्तं वेद्यः पुरुष उच्यतेचलाचलमिति प्रोक्तं त्वया तदपि मे शृणु
tathaivāvedyamavyaktaṃ vedyaḥ puruṣa ucyatecalācalamiti proktaṃ tvayā tadapi me śṛṇu
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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