महाभारत 12.308.5
स वेदे मोक्षशास्त्रे च स्वे च शास्त्रे कृतागमःइन्द्रियाणि समाधाय शशास वसुधामिमाम्
sa vede mokṣaśāstre ca sve ca śāstre kṛtāgamaḥindriyāṇi samādhāya śaśāsa vasudhāmimām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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