महाभारत 12.309.75
एवमभ्याहते लोके कालेनोपनिपीडितेसुमहद्धैर्यमालम्ब्य धर्मं सर्वात्मना कुरु
evamabhyāhate loke kālenopanipīḍitesumahaddhairyamālambya dharmaṃ sarvātmanā kuru
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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