महाभारत 12.31.33
तेन चैव विनिष्पिष्टो वेपमानो नृपात्मजःव्यसुः पपात मेदिन्यां ततो धात्री विचुक्रुशे
tena caiva viniṣpiṣṭo vepamāno nṛpātmajaḥvyasuḥ papāta medinyāṃ tato dhātrī vicukruśe
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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