महाभारत 12.31.8
ततोऽहमब्रुवं राजन्पर्वतं शुभदर्शनम्सर्वमेतत्त्वयि विभो भागिनेयोपपद्यते
tato'hamabruvaṃ rājanparvataṃ śubhadarśanamsarvametattvayi vibho bhāgineyopapadyate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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