महाभारत 12.312.39तस्य भुक्तवतस्तात तदन्तःपुरकाननम्सुरम्यं दर्शयामासुरेकैकश्येन भारतtasya bhuktavatastāta tadantaḥpurakānanamsuramyaṃ darśayāmāsurekaikaśyena bhārataइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें