महाभारत 12.315.51
यं समासाद्य वेगेन दिशामन्तं प्रपेदिरेदक्षस्य दश पुत्राणां सहस्राणि प्रजापतेः
yaṃ samāsādya vegena diśāmantaṃ prapediredakṣasya daśa putrāṇāṃ sahasrāṇi prajāpateḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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