महाभारत 12.320.29
जले निलिल्यिरे काश्चित्काश्चिद्गुल्मान्प्रपेदिरेवसनान्याददुः काश्चिद्दृष्ट्वा तं मुनिसत्तमम्
jale nililyire kāścitkāścidgulmānprapedirevasanānyādaduḥ kāściddṛṣṭvā taṃ munisattamam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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