महाभारत 12.320.32
तमुवाच महादेवः सान्त्वपूर्वमिदं वचःपुत्रशोकाभिसंतप्तं कृष्णद्वैपायनं तदा
tamuvāca mahādevaḥ sāntvapūrvamidaṃ vacaḥputraśokābhisaṃtaptaṃ kṛṣṇadvaipāyanaṃ tadā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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