महाभारत 12.322.45
स हि मद्भावितो राजा मद्भक्तश्च भविष्यतितेन शास्त्रेण लोकेषु क्रियाः सर्वाः करिष्यति
sa hi madbhāvito rājā madbhaktaśca bhaviṣyatitena śāstreṇa lokeṣu kriyāḥ sarvāḥ kariṣyati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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