महाभारत 12.324.26
एवं दत्त्वा वरं राज्ञे सर्वे तत्र दिवौकसःगताः स्वभवनं देवा ऋषयश्च तपोधनाः
evaṃ dattvā varaṃ rājñe sarve tatra divaukasaḥgatāḥ svabhavanaṃ devā ṛṣayaśca tapodhanāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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