महाभारत 12.327.55
यो मे यथा कल्पितवान्भागमस्मिन्महाक्रतौस तथा यज्ञभागार्हो वेदसूत्रे मया कृतः
yo me yathā kalpitavānbhāgamasminmahākratausa tathā yajñabhāgārho vedasūtre mayā kṛtaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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