महाभारत 12.337.43
तेषां त्वत्तः प्रसूतानां कुलभेदो भविष्यतिपरस्परविनाशार्थं त्वामृते द्विजसत्तम
teṣāṃ tvattaḥ prasūtānāṃ kulabhedo bhaviṣyatiparasparavināśārthaṃ tvāmṛte dvijasattama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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