महाभारत 12.337.55तदेतत्कथितं जन्म मया पूर्वकमात्मनःनारायणप्रसादेन तथा नारायणांशजम्tadetatkathitaṃ janma mayā pūrvakamātmanaḥnārāyaṇaprasādena tathā nārāyaṇāṃśajamइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें