महाभारत 12.339.13
एवं हि परमात्मानं केचिदिच्छन्ति पण्डिताःएकात्मानं तथात्मानमपरेऽध्यात्मचिन्तकाः
evaṃ hi paramātmānaṃ kecidicchanti paṇḍitāḥekātmānaṃ tathātmānamapare'dhyātmacintakāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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