महाभारत 12.36.29
तथा वैश्ये च शूद्रे च पादः पादो विधीयतेविद्यादेवंविधेनैषां गुरुलाघवनिश्चयम्
tathā vaiśye ca śūdre ca pādaḥ pādo vidhīyatevidyādevaṃvidhenaiṣāṃ gurulāghavaniścayam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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