महाभारत 12.4.3
श्रीमद्राजपुरं नाम नगरं तत्र भारतराजानः शतशस्तत्र कन्यार्थं समुपागमन्
śrīmadrājapuraṃ nāma nagaraṃ tatra bhāratarājānaḥ śataśastatra kanyārthaṃ samupāgaman
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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