महाभारत 12.49.73
बृहद्रथो महाबाहुर्भुवि भूतिपुरस्कृतःगोलाङ्गूलैर्महाभागो गृध्रकूटेऽभिरक्षितः
bṛhadratho mahābāhurbhuvi bhūtipuraskṛtaḥgolāṅgūlairmahābhāgo gṛdhrakūṭe'bhirakṣitaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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