महाभारत 12.59.3
व्यासादीनभिवाद्यर्षीन्सर्वैस्तैश्चाभिनन्दिताःनिषेदुरभितो भीष्मं परिवार्य समन्ततः
vyāsādīnabhivādyarṣīnsarvaistaiścābhinanditāḥniṣedurabhito bhīṣmaṃ parivārya samantataḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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