महाभारत 12.59.53
व्यवहारः सुसूक्ष्मश्च तथा कण्टकशोधनम्शमो व्यायामयोगश्च योगो द्रव्यस्य संचयः
vyavahāraḥ susūkṣmaśca tathā kaṇṭakaśodhanamśamo vyāyāmayogaśca yogo dravyasya saṃcayaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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