महाभारत 12.59.7
तुल्यशुक्रास्थिमज्जश्च तुल्यमांसासृगेव चनिःश्वासोच्छ्वासतुल्यश्च तुल्यप्राणशरीरवान्
tulyaśukrāsthimajjaśca tulyamāṃsāsṛgeva caniḥśvāsocchvāsatulyaśca tulyaprāṇaśarīravān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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