महाभारत 12.59.80नयचारश्च विपुलो येन सर्वमिदं ततम्आगमश्च पुराणानां महर्षीणां च संभवःnayacāraśca vipulo yena sarvamidaṃ tatamāgamaśca purāṇānāṃ maharṣīṇāṃ ca saṃbhavaḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें