महाभारत 12.66.24
काले विभूतिं भूतानामुपहारांस्तथैव चअर्हयन्पुरुषव्याघ्र साधूनामाश्रमे वसेत्
kāle vibhūtiṃ bhūtānāmupahārāṃstathaiva caarhayanpuruṣavyāghra sādhūnāmāśrame vaset
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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