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महाभारत 12.76.11
सर्ववर्णैः सदा रक्ष्यं ब्रह्मस्वं ब्राह्मणास्तथान स्थेयं विषये तेषु योऽपकुर्याद्द्विजातिषु
sarvavarṇaiḥ sadā rakṣyaṃ brahmasvaṃ brāhmaṇāstathāna stheyaṃ viṣaye teṣu yo'pakuryāddvijātiṣu
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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