महाभारत 12.76.7
यदधीते यद्यजते यद्ददाति यदर्चतिराजा चतुर्थभाक्तस्य प्रजा धर्मेण पालयन्
yadadhīte yadyajate yaddadāti yadarcatirājā caturthabhāktasya prajā dharmeṇa pālayan
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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