महाभारत 12.99.2
भीष्म उवाच · bhīṣma uvāca
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्अम्बरीषस्य संवादमिन्द्रस्य च युधिष्ठिर
atrāpyudāharantīmamitihāsaṃ purātanamambarīṣasya saṃvādamindrasya ca yudhiṣṭhira
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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