महाभारत 13.109.36अधिवासे सोऽप्सरसां नृत्यगीतविनादितेतप्तकाञ्चनवर्णाभं विमानमधिरोहतिadhivāse so'psarasāṃ nṛtyagītavināditetaptakāñcanavarṇābhaṃ vimānamadhirohatiइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें