महाभारत 13.110.36
यस्तु संवत्सरं भुङ्क्ते नवमे नवमेऽहनिसदा द्वादशमासान्वै जुह्वानो जातवेदसम्
yastu saṃvatsaraṃ bhuṅkte navame navame'hanisadā dvādaśamāsānvai juhvāno jātavedasam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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