महाभारत 13.110.68
षोडशे दिवसे यस्तु संप्राप्ते प्राशते हविःसदा द्वादश मासान्वै सोमयज्ञफलं लभेत्
ṣoḍaśe divase yastu saṃprāpte prāśate haviḥsadā dvādaśa māsānvai somayajñaphalaṃ labhet
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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