महाभारत 13.112.106
पापानि तु नरः कृत्वा तिर्यग्जायति भारतन चात्मनः प्रमाणं ते धर्मं जानन्ति किंचन
pāpāni tu naraḥ kṛtvā tiryagjāyati bhāratana cātmanaḥ pramāṇaṃ te dharmaṃ jānanti kiṃcana
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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