महाभारत 13.117.36येन येन शरीरेण यद्यत्कर्म करोति यःतेन तेन शरीरेण तत्तत्फलमुपाश्नुतेyena yena śarīreṇa yadyatkarma karoti yaḥtena tena śarīreṇa tattatphalamupāśnuteइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें