महाभारत 13.12.9
अथ पीतोदकं सोऽश्वं वृक्षे बद्ध्वा नृपोत्तमःअवगाह्य ततः स्नातो राजा स्त्रीत्वमवाप ह
atha pītodakaṃ so'śvaṃ vṛkṣe baddhvā nṛpottamaḥavagāhya tataḥ snāto rājā strītvamavāpa ha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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