महाभारत 13.129.8
यजनं याजनं चैव तथा दानप्रतिग्रहौअध्यापनमधीतं च षट्कर्मा धर्मभाग्द्विजः
yajanaṃ yājanaṃ caiva tathā dānapratigrahauadhyāpanamadhītaṃ ca ṣaṭkarmā dharmabhāgdvijaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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