महाभारत 13.133.55
यदि मानुषतां देवि कदाचित्स निगच्छतिमेधावी धारणायुक्तः प्राज्ञस्तत्राभिजायते
yadi mānuṣatāṃ devi kadācitsa nigacchatimedhāvī dhāraṇāyuktaḥ prājñastatrābhijāyate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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