महाभारत 13.133.8
तत्र कामगुणैः सर्वैः समुपेतो मुदा युतःमहाभोगो महाकोशो धनी भवति मानवः
tatra kāmaguṇaiḥ sarvaiḥ samupeto mudā yutaḥmahābhogo mahākośo dhanī bhavati mānavaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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