महाभारत 13.137.20
अद्य ब्रह्मोत्तरं लोकं करिष्ये क्षत्रियोत्तरम्न हि मे संयुगे कश्चित्सोढुमुत्सहते बलम्
adya brahmottaraṃ lokaṃ kariṣye kṣatriyottaramna hi me saṃyuge kaścitsoḍhumutsahate balam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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