महाभारत 13.145.41ईदृशः स महादेवो भूयश्च भगवानतःन हि शक्या गुणा वक्तुमपि वर्षशतैरपिīdṛśaḥ sa mahādevo bhūyaśca bhagavānataḥna hi śakyā guṇā vaktumapi varṣaśatairapiइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें