महाभारत 13.147.12
अवृत्त्या ये च भिन्दन्ति श्रुतत्यागपरायणाःधर्मविद्वेषिणो मन्दा इत्युक्तस्तेषु संशयः
avṛttyā ye ca bhindanti śrutatyāgaparāyaṇāḥdharmavidveṣiṇo mandā ityuktasteṣu saṃśayaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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