महाभारत 13.147.2
निर्णये वा महाबुद्धे सर्वधर्मभृतां वरप्रत्यक्षमागमो वेति किं तयोः कारणं भवेत्
nirṇaye vā mahābuddhe sarvadharmabhṛtāṃ varapratyakṣamāgamo veti kiṃ tayoḥ kāraṇaṃ bhavet
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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