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महाभारत 13.151.2
भीष्म उवाच · bhīṣma uvāca
अयं दैवतवंशो वै ऋषिवंशसमन्वितःद्विसंध्यं पठितः पुत्र कल्मषापहरः परः
ayaṃ daivatavaṃśo vai ṛṣivaṃśasamanvitaḥdvisaṃdhyaṃ paṭhitaḥ putra kalmaṣāpaharaḥ paraḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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