महाभारत 13.151.39लोमशो नाचिकेतश्च लोमहर्षण एव चऋषिरुग्रश्रवाश्चैव भार्गवश्च्यवनस्तथाlomaśo nāciketaśca lomaharṣaṇa eva caṛṣirugraśravāścaiva bhārgavaścyavanastathāइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें