महाभारत 13.153.22
हतशिष्टाश्च राजानः सर्वे च कुरुजाङ्गलाःतान्पश्य कुरुशार्दूल समुन्मीलय लोचने
hataśiṣṭāśca rājānaḥ sarve ca kurujāṅgalāḥtānpaśya kuruśārdūla samunmīlaya locane
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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