महाभारत 13.2.10
पुत्रो द्युतिमतस्त्वासीत्सुवीरो नाम पार्थिवःधर्मात्मा कोशवांश्चापि देवराज इवापरः
putro dyutimatastvāsītsuvīro nāma pārthivaḥdharmātmā kośavāṃścāpi devarāja ivāparaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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