महाभारत 13.2.33ततस्तां समलंकृत्य कन्यामहतवाससम्ददौ दुर्योधनो राजा पावकाय महात्मनेtatastāṃ samalaṃkṛtya kanyāmahatavāsasamdadau duryodhano rājā pāvakāya mahātmaneइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें