महाभारत 13.2.83
अर्धेनौघवती नाम त्वामर्धेनानुयास्यतिशरीरेण महाभागा योगो ह्यस्या वशे स्थितः
ardhenaughavatī nāma tvāmardhenānuyāsyatiśarīreṇa mahābhāgā yogo hyasyā vaśe sthitaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें